मैकेनिकल फास्टनर क्या हैं और उनके अनुप्रयोग क्या हैं|What are mechanical fasteners and their applications & Uses in Automobiles?
मैकेनिकल फास्टनर क्या हैं और उनके अनुप्रयोग क्या हैं|What are mechanical fasteners and their applications & Uses in Automobiles?
बंधक /Fasteners:
ऑटोमोबाइल में गाड़ी (Vehicle) के कई पार्ट्स को आपस में जोड़कर गाड़ी का रूप दिया जाता है। इन पार्ट्स को जोड़ने के लिए कई प्रकार के माध्यम प्रयोग में लाए जाते हैं इन माध्यमों को फास्टनर्स (Fasteners) कहते हैं। और जिस कार्य विधि से इनका प्रयोग करते हैं उन्हें फास्टनिंग कहते हैं। ऑटोमोबाइल में जब गाड़ी सड़क (Road) पर चलती है तो उसमें बहुत अधिक कम्पन पैदा होती है। अगर उनके पार्ट्सों में साधारण नट-बोल्टों का प्रयोग करेंगे तो वे कम्पन के कारण खुल जाते हैं। आधुनिक ऑटोमोबाइल में स्पेशल, बढ़िया मैटीरियल के नट-बोल्ट, स्टड, मशीन स्क्रू कैप्स स्क्रू , शीट मैटल स्क्रू रिवेट्स इत्यादि प्रयोग में लाए जाते हैं। जब कभी किसी जॉब पर कार्य करते समय नट-बोल्ट (फास्टनर्स) खराब हो जाते हैं तो इन्हें बाज़ार से खरीदते समय और वर्कशॉप के स्टोर में से लेते हैं तो इनके बारे में पूरी जानकारी होनी आवश्यक है। इनकी जानकारी के लिए इनको लम्बाई और हैड के अनुसार (Type of head) तथा थ्रेड प्रति इंच (Thread per inch) के अनुसार जाना जाता है। नट-बोल्ट (Fastener) मिली मीटर में भी मिलते हैं।

फास्टनिंग भी तीन प्रकार की होती हैं :
- टेम्परेरी फास्टनिंग (Temporary Fastening): – यह वह विधि है जिसके द्वारा अलग-अलग भागों व पुर्जों को किसी प्रकार का नुकसान पहुँचाये बिना आसानी से खोला व जोड़ा जा सके। इसके लिए निम्नलिखित फास्टनर्स प्रयोग में लाये जाते हैं। जैसे- बोल्ट, नट, स्क्रू, स्टड, काटर, की (Key), पिन इत्यादि ।
- सेमी परमानेन्ट फास्टनिंग (Semi-Permanent Fastening): इस प्रकार के बंधन को खोल सकते हैं परन्तु आसानी से नहीं। प्रायः ऐसे बंधन को खोलते समय पार्ट व बंधक (Fastener) खराब या बर्बाद हो जाता है जैसे: सोल्डरिंग करके पार्ट्स को जोड़ना ।
- परमानेन्ट फास्टनिंग (Permanent Fastening) : यह ऐसा बंधन है जो जुड़ने के बाद मशीन व पार्ट का अंग बन जाते हैं इन्हें अलग करने में बहुत कठिनाई आती है। अगर अलग-अलग करना चाहें तो मशीन का कुछ भाग व पार्ट्स पूरी तरह खराब हो जाते हैं। इसके लिए निम्नलिखित प्रकार के फास्टनर्स प्रयोग में लाये जाते हैं। जैसे-वैल्डिंग, ब्रेजिंग, रिवटिंग इत्यादि ।
सामान्य तौर पर स्टेनलेस स्टील, लोहा, पीतल से बना, एल्यूमीनियम, निकल, आदि फास्टनरों का उपयोग किया जाता हैं।
यांत्रिक फास्टनरों के प्रकार (Types of Mechanical fasteners)
बोल्ट (Bolt) –

यह एक गोल रोड का बना होता है जिसके एक सिरे पर हैड व दूसरे सिरे पर चूड़ियाँ कटी होती हैं, जिन पर नट को कस सकते है। प्राय: बोल्ट माइल्ड स्टील के बने होते है परन्तु कुछ विशेष कामों के लिए पीतल, लाइट एलॉय (Light Alloy ) के भी बनाये जाते हैं। इनका वर्गीकरण चूड़ी वाले भाग के व्यास, लम्बाई मैटीरियल के अनुसार किया जाता । इनमें से कुछ मुख्य बोल्ट का विवरण नीचे दिया गया है।
मशीन पेंच(Machine Screws):
मशीन के स्क्रू में नट के साथ उपयोग के लिए चूड़ियाँ होते हैं या किसी टैप किए गए छेद में. इसे स्टोव बोल्ट भी कहा जाता है।
नट (Nut):
ऑटोमोटिव नट एक प्रकार का फास्टनर है जिसे अस्थायी या स्थायी रूप से पुर्जो या सतह को एक साथ रखने के लिए एक मेटिंग बोल्ट के साथ एक थ्रेडेड छेद से इसके विपरीत प्रयोग किया जाता है । ये नट आम तौर पर चौकोर या षट्कोणीय आकार के होते हैं।
ऑटोमोटिव विभिन्न प्रकार के होते हैं नट, जैसे साधारण नट, कॉलर नट, ताला लगाना, आदि।
स्टड (Stud):
ऑटोमोटिव स्टड को डबल एंडेड ऑटोमोबाइल फास्टनर के रूप में भी जाना जाता है, इसके दोनों छोर पर चूड़ियाँ कटी होती हैं। स्टड का एक सिरा एक ऑब्जेक्ट के लिए स्थिर है, जबकि दूसरे छोर पर नट लगाया जाता होता है जेसे कि व्हील स्टड, इंजन स्टड
वॉशर(washer):
वॉशर एक छेद वाली पतली प्लेट होती है। यह सामान्य रूप से स्क्रू या नट के भार को वितरित करने के लिए उपयोग किया जाता है। उसे लॉकिंग डिवाईस भी कहते हैं। अनेक प्रकार कि वॉशर जेसे स्प्रिंग, लॉकिंग डिवाइस, स्पेसर, वियर पैड आदि के रूप में वॉशर प्रयोग करते है| एक वॉशर का, बाहरी व्यास (OD) इसके भीतरी व्यास (आईडी) की चौड़ाई से दोगुना होता है।
रिवेट्स (Rivets):

रिवेट्स अर्ध-स्थायी यांत्रिक जोड़ने वाले हैं। उन्हें स्थापित किया जाने से पहले, एक रिवेट एक मुलायम( सिलिंड्रिकल) गोलाकार शाफ़्ट के साथ एक सिरा वाला होता है। रिवेट्स का उपयोग वाहन शरीर, विमान, पुल, क्रेन, इमारतों की ढाल, आदि में विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। रिवेट स्थान पर बने रहते हैं और धातु भागों को जोड़ते हैं। जोड़ को चीज़ल या ग्राइंडिंग द्वारा रिवेट के विकृत अंत को हटाकर खोला जा सकता है।”
सर्क्लिप (Circlip):
सर्क्लिप, एक प्रकार का फास्टनर है जिसमें अर्ध-लचीला धातु की रिंग जिसके सिरे खुले होता है।
स्प्लिट पिन(Split Pin):
एक स्प्लिट पिन एक धातु फास्टनर होता है जिसमें दो धारें होती हैं जो स्थापना के दौरान मोड़ी जाती हैं। स्प्लिट पिन आमतौर पर मुलायम धातु से बने होते हैं, जिनसे उन्हें स्थापित और हटाने में आसानी होती है। इसके निर्माण में उपयुक्त सामग्रियाँ माइल्ड स्टील, ब्रास, ब्रोंज, स्टेनलेस स्टील और एल्युमिनियम हो सकती हैं। एक नया स्प्लिट पिन अपनी लंबाई के अधिकांश के लिए अपनी फ्लैट आंतरिक सतहों को स्पर्श करता है ताकि यह एक विभाजित सिलिंडर की तरह प्रकट हो । एक बार डाल दिया जाने पर, पिन के दो खंभे दूर हो जाते हैं, जो इसे स्थान में बंद कर देते हैं जब वे हटाए जाते हैं, तो उन्हें छोड़ देने और पुनः स्थापित करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि मोड़ने से कमजोर हो जाती है।
स्प्रिंग पिन (Spring Pin):
एक स्प्रिंग पिन एक यांत्रिक फास्टनर होता है जो एक मशीन के दो या दो से अधिक हिस्सों को आपस में जोड़ता है। स्प्रिंग पिन का शरीर व्यास, जो छेद के व्यास से बड़ा होता है, और एक या दोनों खंभों पर चैम्फर होता है ताकि पिन को छेद में प्रारंभ करने को सुविधा हो। पिन के स्प्रिंग क्रिया की अनुमति देती है कि यह छेद के व्यास को अपनाते समय संपीड़ित हो सके। पिन द्वारा छेद की दीवार के खिलाफ केंद्रीय बल उत्पन्न होता है जिससे यह छेद में बना रहता है, इसलिए एक स्प्रिंग पिन को एक स्वयं संभालने वाले फास्टनर के रूप में माना जाता है।
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